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माठके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कैसे बà¥à¤¾à¤à¤‚?
माठके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के लिठकà¥à¤› चीजें बताई गई हैं:
यह बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि शिशॠसही तरीके से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करे। यदि वह निपà¥à¤ªà¤² को मà¥à¤à¤¹ से पकड़ने में असमरà¥à¤¥ है या गलत अवसà¥à¤¥à¤¾ में है तो उसे दूध पीने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है। अनà¥à¤¯ शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥€ गलत तरीके से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ हो सकता है। यह बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि सà¥à¤¤à¤¨ से दूध निकाला जाठताकि यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि माठके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता रहे। यदि शिशॠà¤à¤¸à¤¾ करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं है तो आप दूध को à¤à¤• कप में निकाल लें।
बार–बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से माठके दूध का अधिक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता है । हर 1.5 घंटे से 2 घंटे के अंतराल में शिशॠको दूध तब तक पिलाते रहें जब तक वह पीना चाहता है।
शिशॠको दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध पिलाà¤à¤‚, à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ में खतà¥à¤® हो जाठतो शिशॠको दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाà¤à¤‚।
आप शिशॠको दूध पिलाने वाली बोतल या चà¥à¤¸à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे निपà¥à¤ªà¤² का à¤à¥à¤°à¤® हो सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर शिशॠको बोतल से दूध पीने की आदत पड़ गई तो उसे माठका दूध पीते समय निपà¥à¤ªà¤² पकड़ने में कठिनाई à¤à¥€ हो सकती है। शिशॠको सिरà¥à¤« अपना दूध पिलाà¤à¤‚ और जब तक उसकी 6 महीने की आयॠन हो जाठतब तक उसे कोई और ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ न दें।
आप अपना खयाल रखें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का सेवन कर रही हैं व बचà¥à¤šà¥‡ के साथ–साथ खà¥à¤¦ à¤à¥€ आराम करें ।
सà¥à¤¤à¤¨ से पूरा दूध निकल गया है यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठआप पंप का उपयोग कर सकती हैं। सà¥à¤¤à¤¨ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसà¥à¤¤à¤¨ से दूध को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करें।
31 सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जो माठके दूध को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करते हैं
हालांकि कोई परीकà¥à¤·à¤£ नहीं किठगठहैं जो यह साबित कर सकें कि निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का माठके दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पर अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है, पीढ़ियों से इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का उपयोग सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली मांओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता रहा है। अपने दैनिक आहार में इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें और यह सिरà¥à¤« à¤à¤• पूरक के रूप में शामिल नहीं है।
1. मेथी के बीज
2. सौंफ
3. लहसà¥à¤¨
4. हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤
5. जीरा
6. तिल
7. तà¥à¤²à¤¸à¥€
8. ओटमील
9. कचà¥à¤šà¤¾ पपीता
10. गाजर
11. जौ
12. शतावरी
13. à¤à¥‚रा चावल
14. खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
15. सामन मछली
16. करेला
17. शकरकंद
18. बादाम
19. सोआ
20. पानी
14. खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
15. सामन मछली
16. करेला
17. शकरकंद
18. बादाम
19. सोआ
20. पानी
21. डà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤•
22. दूध
23. काबà¥à¤²à¥€ चना
24. चà¥à¤•ंदर
25. मसूर
26. टोफू
27. तरबूज़
28. गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी
29. करी पतà¥à¤¤à¥‡
30. चकोतरा (गà¥à¤°à¥‡à¤ª फà¥à¤°à¥‚ट)
31. बà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥à¤¡ थीसà¥à¤²
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